राजस्थानी संस्कृति को डिजिटल पहचान दिला रहे हैं कंटेंट क्रिएटर नरपत पटेल

Jan 10, 2026 - 23:26
राजस्थानी संस्कृति को डिजिटल पहचान दिला रहे हैं कंटेंट क्रिएटर नरपत पटेल

जयपुर। बदलते डिजिटल दौर में जहां सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का साधन माना जाता है, वहीं कुछ युवा इसे संस्कृति, परंपरा और विरासत को सहेजने का माध्यम भी बना रहे हैं। ऐसे ही एक नाम हैं नरपत पटेल, जो राजस्थानी संस्कृति आधारित व्लॉगिंग के जरिए न केवल लाखों लोगों का मनोरंजन कर रहे हैं, बल्कि राजस्थान की लोक परंपराओं को देश-दुनिया तक पहुंचा रहे हैं।

नरपत पटेल एक कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जो विशेष रूप से राजस्थानी संस्कृति, ग्रामीण जीवन, लोक कला, खान-पान और परंपराओं पर आधारित वीडियो बनाते हैं। उनके व्लॉग्स में राजस्थान का असली रंग देखने को मिलता है, जो महलों और किलों से आगे जाकर गांवों की मिट्टी, लोक जीवन और आम लोगों की सादगी को दर्शाता है।

संस्कृति से जुड़ाव ही बनी पहचान

नरपत पटेल का मानना है कि राजस्थान की आत्मा उसके गांवों, लोक कलाकारों और पारंपरिक जीवनशैली में बसती है। इसी सोच के साथ उन्होंने कंटेंट क्रिएशन की शुरुआत की। उनके वीडियो में राजस्थानी भाषा, मारवाड़ी बोली, पारंपरिक वेशभूषा और लोक संगीत की झलक साफ दिखाई देती है। यही कारण है कि उनके कंटेंट से हर उम्र के लोग जुड़ाव महसूस करते हैं।

ग्रामीण जीवन को मिल रहा मंच

नरपत अपने व्लॉग्स में सिर्फ खुद को ही नहीं दिखाते, बल्कि ग्रामीण लोगों, कारीगरों, किसानों, लोक गायकों और कलाकारों को भी मंच देते हैं। वह गांवों में होने वाले पारंपरिक आयोजनों, मेलों, त्योहारों और रोजमर्रा के जीवन को कैमरे में कैद कर दर्शकों तक पहुंचाते हैं। इससे न केवल ग्रामीण संस्कृति को पहचान मिल रही है, बल्कि स्थानीय लोगों का आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

कम संसाधनों से शुरुआत करने वाले नरपत पटेल आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि अगर कंटेंट में सच्चाई और अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान हो, तो सीमित साधनों में भी बड़ी पहचान बनाई जा सकती है। कई युवा आज उनसे प्रेरित होकर राजस्थानी भाषा और संस्कृति से जुड़े कंटेंट बनाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

देश-विदेश में बढ़ती लोकप्रियता

नरपत पटेल के व्लॉग्स को न केवल राजस्थान में, बल्कि देश के अन्य राज्यों और विदेशों में बसे राजस्थानी लोग भी बड़े चाव से देखते हैं। उनके वीडियो प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मिट्टी से जोड़ने का काम करते हैं। कई दर्शकों का कहना है कि नरपत के व्लॉग्स देखकर उन्हें अपने गांव और बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं।

संस्कृति संरक्षण में डिजिटल योगदान

आज के समय में जब लोक भाषाएं और परंपराएं धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं, ऐसे में नरपत पटेल जैसे कंटेंट क्रिएटर्स का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। वह अपने वीडियो के माध्यम से न केवल संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं, बल्कि उसे संरक्षित रखने का भी प्रयास कर रहे हैं। उनका कंटेंट आने वाली पीढ़ियों के लिए एक डिजिटल दस्तावेज की तरह है।

भविष्य की योजनाएं

नरपत पटेल आने वाले समय में अपने कंटेंट को और व्यापक रूप देने की योजना बना रहे हैं। वह राजस्थान के दूर-दराज के इलाकों, अनदेखी परंपराओं और विलुप्त होती लोक कलाओं पर विशेष डॉक्यूमेंट्री-स्टाइल वीडियो बनाने की इच्छा रखते हैं। इसके साथ ही वह युवाओं को राजस्थानी संस्कृति से जोड़ने के लिए वर्कशॉप और डिजिटल अभियानों पर भी काम करना चाहते हैं।

निष्कर्ष

नरपत पटेल आज केवल एक कंटेंट क्रिएटर नहीं, बल्कि राजस्थानी संस्कृति के डिजिटल दूत बन चुके हैं। उनके प्रयास यह साबित करते हैं कि सोशल मीडिया का सही उपयोग करके अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए वैश्विक पहचान बनाई जा सकती है। राजस्थानी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में उनका योगदान आने वाले समय में और भी महत्वपूर्ण साबित होगा।