निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस-भाजपा में टिकट की जंग, दावेदारों की बढ़ी दौड़-धूप

Aug 27, 2026 - 17:42
निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस-भाजपा में टिकट की जंग, दावेदारों की बढ़ी दौड़-धूप

जोधपुर। नगर निकाय चुनाव को लेकर जोधपुर में कांग्रेस और भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी के साथ ही दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट को लेकर दावेदारों की संख्या और सक्रियता बढ़ गई है। टिकट की चाहत में संभावित प्रत्याशी जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करने के साथ ही अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

टिकट हासिल करने की कोशिश में दावेदार नेताओं के चक्कर लगाने के साथ-साथ भगवान के दरबार में भी धोक लगा रहे हैं। हर दावेदार अपने राजनीतिक संपर्क, जनाधार और पार्टी के प्रति सक्रियता के आधार पर टिकट मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

तीन दावेदारों का पैनल, एक को मिलेगा टिकट

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों ने प्रत्येक संभावित सीट के लिए तीन-तीन दावेदारों का पैनल तैयार किया है। अब इन तीन नामों में से किसी एक को अंतिम रूप से टिकट दिया जाएगा। ऐसे में टिकट वितरण से पहले दोनों दलों के सामने दावेदारों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती भी बनी हुई है।

टिकट की दौड़ में शामिल तीनों दावेदारों में से जिस एक के नाम पर पार्टी मुहर लगाएगी, उसके सामने चुनाव मैदान में उतरने का मौका होगा, जबकि अन्य दो दावेदारों को पार्टी के फैसले को स्वीकार करना पड़ेगा।

टिकट नहीं मिला तो नाराजगी का डर

टिकट वितरण के साथ ही दोनों पार्टियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती नाराजगी को संभालने की होगी। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे दावेदारों में से किसी एक को टिकट मिलने के बाद बाकी दावेदारों की नाराजगी पार्टी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। खासतौर पर ऐसे समय में जब स्थानीय स्तर पर व्यक्तिगत जनसंपर्क और मजबूत दावेदार चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों के सामने टिकट वितरण के बाद असंतुष्ट दावेदारों को साधने और उन्हें पार्टी के साथ बनाए रखने की चुनौती होगी। सवाल यह भी है कि अगर टिकट नहीं मिलने से कोई मजबूत दावेदार नाराज होकर अलग राह चुनता है तो दोनों दलों के पास उसे मनाने के लिए क्या विकल्प होंगे?

निकाय चुनाव में टिकट वितरण के साथ ही स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है। फिलहाल दोनों दलों के दावेदार टिकट की उम्मीद में पूरी ताकत झोंक रहे हैं और अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।