रक्षाबंधन पर भाई ने पेश की मिसाल, बहन के जुड़वा बच्चों की मन्नत पूरी होने पर गुजरात से रामदेवरा तक दंडवत यात्रा
जोधपुर/रामदेवरा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के रिश्ते की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। बहन के घर संतान की मन्नत पूरी होने पर एक भाई ने ऐसी आस्था और समर्पण का परिचय दिया कि हर कोई उसकी प्रशंसा कर रहा है। गुजरात के रामसन निवासी गमना भाई मालवी अपनी बहन के जुड़वा बच्चों की मन्नत पूरी होने के बाद गुजरात से रामदेवरा तक दंडवत यात्रा पर निकले हैं।
बताया जा रहा है कि करीब 52 वर्ष पहले बहन के संतान नहीं होने पर परिवार की ओर से मन्नत मांगी गई थी। मन्नत पूरी होने और बहन के घर जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद गमना भाई मालवी ने रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव के दरबार में आस्था प्रकट करने का संकल्प लिया।
इसी संकल्प को पूरा करने के लिए वे गुजरात से रामदेवरा तक दंडवत यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान वे रास्ते में दंडवत प्रणाम करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस कठिन यात्रा में परिवार के सदस्य भी उनके साथ हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं।
जहां से गुजर रहे, मिल रहा सम्मान और स्वागत
गमना भाई मालवी की यह यात्रा जहां से भी गुजर रही है, वहां लोग उनकी श्रद्धा और भाई-बहन के रिश्ते के प्रति समर्पण की सराहना कर रहे हैं। जगह-जगह लोगों की ओर से उनका स्वागत किया जा रहा है और उनकी यात्रा को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
रक्षाबंधन के पर्व पर जब भाई अपनी बहन की खुशहाली और मन्नत पूरी होने की खुशी में इतनी कठिन यात्रा कर रहा है, तो यह भाई-बहन के रिश्ते की गहराई और भावनात्मक जुड़ाव की मिसाल बन गई है।
गमना भाई मालवी की यह दंडवत यात्रा न केवल आस्था का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि भाई-बहन का रिश्ता केवल राखी बांधने और उपहार देने तक सीमित नहीं है। बहन की खुशी के लिए भाई का त्याग और संकल्प भी इस रिश्ते को खास बनाता है।