कुमार मंगलम बिड़ला: परंपरा, नेतृत्व और आधुनिक भारतीय उद्योग की नई पहचान

Jan 9, 2026 - 18:17
Jan 15, 2026 - 18:17
कुमार मंगलम बिड़ला: परंपरा, नेतृत्व और आधुनिक भारतीय उद्योग की नई पहचान

भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख और प्रभावशाली नेताओं में शामिल कुमार मंगलम बिड़ला आज देश के आर्थिक और कॉरपोरेट परिदृश्य में एक सशक्त नाम बन चुके हैं। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन के रूप में उन्होंने पारिवारिक विरासत को न केवल संभाला, बल्कि उसे वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। सीमेंट, टेलीकॉम, धातु, रसायन, कपड़ा और वित्तीय सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में समूह की मजबूत मौजूदगी भारत की औद्योगिक ताकत को दर्शाती है।

कुमार मंगलम बिड़ला का जन्म 14 जून 1967 को हुआ था। वर्ष 1995 में, मात्र 28 वर्ष की उम्र में, पिता आदित्य विक्रम बिड़ला के असामयिक निधन के बाद उन्होंने समूह की कमान संभाली। उस समय यह जिम्मेदारी बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जा रही थी, लेकिन बिड़ला ने संयम, दूरदृष्टि और पेशेवर प्रबंधन के बल पर इस भरोसे को मजबूत नेतृत्व में बदल दिया।

आदित्य बिड़ला समूह के तहत अल्ट्राटेक सीमेंट आज भारत की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है और दुनिया की अग्रणी सीमेंट उत्पादकों में शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट विकास में अल्ट्राटेक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, धातु क्षेत्र में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ और उसकी सहायक कंपनी नोवेलिस वैश्विक एल्युमिनियम बाजार में भारत का प्रतिनिधित्व करती हैं।

दूरसंचार क्षेत्र में वोडाफोन आइडिया के जरिए बिड़ला समूह की मौजूदगी चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा, कर्ज और तकनीकी निवेश की जरूरतों के बीच कंपनी अपने पुनर्गठन और 5G भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, इस क्षेत्र में कुमार मंगलम बिड़ला की भूमिका संकट प्रबंधन और दीर्घकालिक रणनीति के लिहाज़ से महत्वपूर्ण मानी जाती है।

कुमार मंगलम बिड़ला को एक संतुलित और पेशेवर नेतृत्व शैली के लिए जाना जाता है। वे कॉरपोरेट गवर्नेंस, पारदर्शिता और संस्थागत मूल्यों पर विशेष जोर देते हैं। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वे भारतीय उद्योग की आवाज़ बनकर उभरे हैं और आर्थिक सुधारों, निवेश वातावरण तथा उद्यमिता को लेकर अपने विचार रखते रहे हैं।

शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी कुमार मंगलम बिड़ला का योगदान उल्लेखनीय है। वे बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS पिलानी) के चांसलर हैं और उच्च शिक्षा में नवाचार व गुणवत्ता सुधार के समर्थक हैं। इसके अलावा, आदित्य बिड़ला फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से जुड़ी अनेक पहलें संचालित की जा रही हैं।

कुमार मंगलम बिड़ला को उनके उद्योग और समाज में योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया है। उन्हें अक्सर भारत के सबसे प्रभावशाली कॉरपोरेट नेताओं में गिना जाता है, जिन्होंने पारिवारिक व्यवसाय को आधुनिक कॉरपोरेट संरचना में ढालने का सफल उदाहरण पेश किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदमों के बीच कुमार मंगलम बिड़ला और आदित्य बिड़ला समूह की भूमिका आने वाले वर्षों में और भी अहम हो जाएगी। परंपरा और नवाचार के संतुलन के साथ उनका नेतृत्व भारतीय उद्योग के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

Hanuman Meena Author and Journalist Business News | hanumanmeena@lakshaymedia.com