सुनील भारती मित्तल: दूरसंचार क्रांति से वैश्विक पहचान तक का सफर

Jan 15, 2026 - 18:13
सुनील भारती मित्तल: दूरसंचार क्रांति से वैश्विक पहचान तक का सफर

भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख नामों में शामिल सुनील भारती मित्तल एक बार फिर चर्चा में हैं। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और चेयरमैन के रूप में उन्होंने भारत में दूरसंचार क्रांति की नींव रखी और देश को वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया। आज वे न केवल एक सफल उद्योगपति हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी सक्रिय योगदान के लिए जाने जाते हैं।

सुनील भारती मित्तल का जन्म 23 अक्टूबर 1957 को पंजाब के लुधियाना में हुआ था। उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों के साथ अपने उद्यमी जीवन की शुरुआत की। प्रारंभिक दौर में साइकिल के पुर्ज़ों और छोटे इलेक्ट्रिक उपकरणों के निर्माण से लेकर आयात-निर्यात के कारोबार तक, मित्तल ने विभिन्न क्षेत्रों में हाथ आजमाया। यही संघर्ष और अनुभव आगे चलकर उनकी सफलता की बुनियाद बने।

1990 के दशक में भारत में दूरसंचार क्षेत्र के उदारीकरण के बाद सुनील भारती मित्तल ने एक बड़ा जोखिम उठाया और भारती टेलीकॉम की शुरुआत की। आगे चलकर यही कंपनी भारती एयरटेल के रूप में जानी गई। एयरटेल ने मोबाइल सेवाओं को आम जनता तक पहुँचाया और सस्ती, विश्वसनीय कनेक्टिविटी के जरिए भारत में संचार के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। आज एयरटेल भारत की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों में से एक है और एशिया व अफ्रीका के कई देशों में अपनी सेवाएँ दे रही है।

भारती एयरटेल की सफलता के पीछे मित्तल की दीर्घकालिक सोच और वैश्विक साझेदारियों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने तकनीक, नेटवर्क विस्तार और ग्राहक अनुभव पर लगातार निवेश किया। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल ने भारत में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को एक बुनियादी जरूरत के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाई।

दूरसंचार के अलावा, सुनील भारती मित्तल ने बैंकिंग, रिटेल, इंश्योरेंस और डिजिटल सेवाओं में भी अपने व्यवसाय का विस्तार किया है। भारती एंटरप्राइजेज विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराता रहा है। यह रणनीति भारतीय कॉरपोरेट जगत में सहयोग और साझेदारी का एक सफल मॉडल मानी जाती है।

सुनील भारती मित्तल सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाते हैं। भारती फाउंडेशन के माध्यम से वे शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण उत्थान से जुड़ी कई परियोजनाओं को समर्थन देते हैं। उनका मानना है कि समावेशी विकास के बिना किसी भी देश की प्रगति अधूरी है। इसी सोच के तहत उन्होंने वंचित वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनील भारती मित्तल को सम्मान और पहचान मिली है। वे कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उन्हें उद्योग एवं परोपकार के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उनकी छवि एक ऐसे उद्यमी की है, जिन्होंने भारतीय व्यवसाय को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने में अहम भूमिका निभाई।

हालाँकि टेलीकॉम सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, तकनीकी बदलाव और नियामकीय चुनौतियाँ एयरटेल और अन्य कंपनियों के लिए निरंतर चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद मित्तल का कहना है कि नवाचार, डिजिटल निवेश और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण ही भविष्य की सफलता की कुंजी हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में 5G, डिजिटल भुगतान और कनेक्टेड सेवाओं के विस्तार के साथ सुनील भारती मित्तल की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। उनकी उद्यमशीलता, दूरदृष्टि और सामाजिक प्रतिबद्धता उन्हें भारतीय उद्योग जगत के सबसे प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में शामिल करती है।

Hanuman Meena Author and Journalist Business News | hanumanmeena@lakshaymedia.com